सच होते हैं सपने

सपनों  की दुनिया होती है बड़ी दिलकश 
क्या क्या रंग दिखाती है !
प्यार, मोहब्बत की पिचकारी से 
अंग अंग रंग जाती है !!
देखो जितने सपने दिल चाहे
सबके सच होने कि शर्त मत रखना !
दिल, दिमाग, बदन और आत्मा का मिलन है
जितना मिल जाये उस में खुश रहना !!
सच्चे मन से चाहो तो क्या नहीं है मुमकिन 
कभी कभी तो गैर भी बन जाते हैं अपने !
श्वेत हृदय से माँगा था जो तुमने 
तो देख लो सच होते हैं सपने !!


Comments

Popular posts from this blog

बीता वक़्त

Her Body and My Soul have been Raped